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आपने à¤à¥€ देखा होगा कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को पीठके बल सोने से मना किया जाता है। अब à¤à¥€ à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¥€ की गयी है। जी हां, हाल ही में पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, पीठके बल सीधे लेटने से बचना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह मां और à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बहà¥à¤¤ देर तक पीठके बल सोना मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठखतरनाक हो सकता है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œà¤¼ में यह पाया गया है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ लगà¤à¤— 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ समय पीठके बल सोती हैं। इसकी वजह से जनà¥à¤® के समय बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कम हो सकता है और मरे हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® का à¤à¥€ खतरा इससे बढ़ जाता है। इसके अलावा पीठके बल सोने से बचà¥à¤šà¥‡ को सही मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤œà¤¨ नहीं मिलता और हो सकता है कि उसे सांस लेने में तकलीफ à¤à¥€ हो।
जब गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला पीठके बल लेटती है तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का पूरा à¤à¤¾à¤° शरीर के दूसरे अंगों पर पड़ता है. इससे बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ बिगड़ सकता है. इसके साथ ही जब कोई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय के लिठपीठके बल सोती है तो दिल और फेफड़ों पर à¤à¥€ इसका असर पड़ता है. जिससे इन जरूरी अंगों पर दबाव बढ़ जाता है.
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पीठके बल सोने के नà¥à¤•सान और फायदों के बारे में पता लगाने की जब कोशिश की गयी तो देखा गया कि जिन मांओं ने पीठके बल सोने का समय कम किया उनके अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ और à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ में मानकों के आधार पर सà¥à¤§à¤¾à¤° देखा गया। इसी तरह बचà¥à¤šà¥‡ को ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤œà¤¨ ना मिलने की वजह से होनेवाली परेशानियां और उनके हृदय की गति बढ़ने जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ कम देखी गयीं। सीधे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहा जाठकि जो माà¤à¤‚ सोते समय अपने शरीर की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को लेकर सचेत थीं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बेहतर नींद à¤à¥€ आयी और उनके à¤à¥à¤°à¥‚ण की सेहत में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° देखा गया।
साउथ ऑसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¾ यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के पà¥à¤°à¤¿à¤‚सिपल इंवेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤—ेटर जेन वारलैंड ने कहा, "हमारे निषà¥à¤•रà¥à¤· बताते हैं कि महिलाà¤à¤‚ अपनी सोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सही रखने के लिठअपने कमर के चारों ओर किसी डिवाइस का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहनने आराम से सो सकती हैं। इस तरीके से वो पीठके बल सोने से खà¥à¤¦ को रोक सकती है। इसी तरह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ मां को पोजिशनल थेरेपी की à¤à¥€ मदद ले सकती है। इस तरीके से वो खà¥à¤¦ को पीठके बल सोने से रोक सकेगी ही साथ ही नींद की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ और नींद के समय की मां और à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का à¤à¥€ पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा जा सकता है।" वारलैंड ने अपनी रिपोरà¥à¤Ÿ में सलाह देते हà¥à¤ कहा कि,"गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को इस तरह के उपकरण पहनना चाहिठजो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीठके बल ना सोने में मदद करें, जो आरामदायक हों और नींद की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करते हों। कà¥à¤› मामलों में यह बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियों से बचने का à¤à¤•मातà¥à¤° तरीका à¤à¥€ साबित हो सकता है, खासकर अगर मां के लिठअनà¥à¤¯ कारकों के कारण जोखिम में वृदà¥à¤§à¤¿ हो रही है।"
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